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राजिम के पास नहर टूटी, 100 एकड़ धान के खेत पानी में डूबे, अफसर बेखबर

छत्तीसगढ़ के राजिम इलाके से एक चिंता भरी खबर सामने आई है। पैरी नदी के पार बसे गांव दमकाडीह में नहर की नाली टूट गई है। इससे आसपास के करीब 100 एकड़ खेतों में पानी भर गया है। धान की फसल अब खराब होने की कगार पर है, लेकिन विभाग के अफसर अब तक चुप बैठे हैं।

पिछले साल भी यही नहर टूटी थी

राजिम के पास नहर टूटी, 100 एकड़ धान के खेत पानी में डूबे, अफसर बेखबर

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  • यह नहर धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक में आती है
  • यहां सिकासार जलाशय का पानी कुकदा पैरी पिकअप वियर की लेफ्ट केनाल से आता है
  • यही हिस्सा पिछले साल भी टूट गया था
  • तब किसानों की शिकायत पर सिर्फ काम चलाऊ मरम्मत हुई थी
  • अब वही जगह दोबारा टूट गई है और 15 दिन से ऐसे ही पड़ी है

धान के पौधे उग ही नहीं पा रहे

राजिम के पास नहर टूटी, 100 एकड़ धान के खेत पानी में डूबे, अफसर बेखबर

  • गांव के किसान समारू निषाद तीन बार धान का बीज डाल चुके हैं
  • हर बार नहर का पानी खेतों में घुस जाता है
  • बारिश और नहर के पानी की वजह से बीज अंकुरित नहीं हो पा रहा
  • गांव के धनंजय ध्रुव, रामस्वरूप, शंकर ध्रुव, सुरेश ध्रुव, मुकेश ध्रुव समेत कई किसानों की करीब 100 एकड़ नर्सरी अब तक खाली पड़ी है

किसानों की मांग: कुलापा गेट बंद किया जाए

  • यह नहर खिसोरा-नवागांव माइनर के जरिए दमकाडीह, मोहरेंगा, परेवाडीह और भेण्डरी के सैकड़ों एकड़ खेतों को पानी देती है
  • किसानों का कहना है कि मुख्य नहर का कुलापा गेट फिलहाल बंद कर दिया जाए
  • ऐसा होने पर वे दोबारा बुवाई कर पाएंगे
  • यह इलाका विधायक अजय चंद्राकर के विधानसभा क्षेत्र में आता है, फिर भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई

विभाग का जवाब: बारिश थमने का इंतजार

  • संबंधित एसडीओ रविन्द्र कुंजाम ने बताया कि पिछले साल भी इस माइनर की मरम्मत हुई थी
  • इस साल फिर टूटने की सूचना मिली है
  • उनके मुताबिक लगातार बारिश की वजह से अभी मरम्मत संभव नहीं
  • बारिश रुकते ही काम शुरू होगा
  • फिलहाल नहर से पानी देना पूरी तरह बंद है, उल्टा खेतों का पानी नहर में जा रहा है

नहर टूटने की यह घटना बताती है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों पर कितनी भारी पड़ रही है। समय पर मरम्मत न होने से हर साल किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है।

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Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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