नारायणपुर में बवाल: अपर कलेक्टर के दुर्व्यवहार से भड़के डॉक्टर, OPD ठप कर हड़ताल पर, मरीज बेहाल

नारायणपुर में बवाल: अपर कलेक्टर के दुर्व्यवहार से भड़के डॉक्टर, OPD ठप कर हड़ताल पर, मरीज बेहाल
नारायणपुर में बवाल: अपर कलेक्टर के दुर्व्यवहार से भड़के डॉक्टर, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में जिला प्रशासन और डॉक्टरों के बीच टकराव ने गंभीर रूप ले लिया है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने एक अपर कलेक्टर पर लगातार दुर्व्यवहार और अपमान का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं और इलाज के लिए पहुंचे मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
क्या है पूरा मामला? क्यों भड़के डॉक्टर?
डॉक्टरों का आरोप है कि अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई लगातार उनके साथ अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पूरे अस्पताल का स्टाफ गहरे मानसिक दबाव में काम कर रहा है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब हाल ही में एक महिला शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. जयश्री साहू, स्वास्थ्य कारणों से हॉस्टल में एक खाली कमरे के आवंटन के लिए अपर कलेक्टर से मिलीं। आरोप है कि इस दौरान अधिकारी ने उनके साथ बेहद अनुचित व्यवहार किया, जिससे वे मानसिक रूप से बुरी तरह आहत हुईं। डॉक्टरों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई अन्य डॉक्टर इसी तरह के व्यवहार का शिकार हो चुके हैं।नारायणपुर में बवाल: अपर कलेक्टर के दुर्व्यवहार से भड़के डॉक्टर
प्रशासन की चुप्पी ने बढ़ाई आग, चेतावनी के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
इस अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ डॉक्टरों ने 20 जून को कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने साफ तौर पर मांग की थी कि अपर कलेक्टर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। डॉक्टरों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 जून तक का समय दिया था। लेकिन जब तय समय सीमा के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया, तो नाराज डॉक्टरों ने 27 जून से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी।नारायणपुर में बवाल: अपर कलेक्टर के दुर्व्यवहार से भड़के डॉक्टर
अस्पताल में हाहाकार: इलाज के लिए भटक रहे मरीज, इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की चेतावनी
गुरुवार को हड़ताल के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में ताला लटका रहा। दूर-दराज के गांवों से इलाज की आस में पहुंचे मरीज और उनके परिजन दिन भर परेशान होते रहे। डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में ही धरना देकर अपना विरोध जताया। जिला अस्पताल के जनरल सर्जन, डॉ. आदित्य केतकी ने चेतावनी देते हुए कहा, “हमने शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रशासन को पूरा मौका दिया, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। अगर इस मामले का जल्द ही कोई हल नहीं निकलता है, तो हम ओपीडी के साथ-साथ आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं भी बंद करने के लिए मजबूर होंगे।” इस चेतावनी के बाद अब जिला प्रशासन पर संकट का समाधान करने का दबाव और बढ़ गया है।नारायणपुर में बवाल: अपर कलेक्टर के दुर्व्यवहार से भड़के डॉक्टर









