जंगली सूअर का मांस बेचने की तैयारी में 3 ग्रामीण गिरफ्तार

रायगढ़ रेंज के तिलगा में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने जंगली सूअर के शिकार के आरोप में 3 लोगों को पकड़ा। 30 किलो मांस और औजार जब्त, केस दर्ज।
रायगढ़ वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने जंगली सूअर का शिकार कर उसका मांस बेचने की तैयारी करने के आरोप में तीन ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ग्राम तिलगा में की गई, जहां से करीब 30 किलोग्राम जंगली सूअर का मांस और शिकार से जुड़े औजार जब्त किए गए।

तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले में फिलहाल आरोप ही सामने आए हैं। आरोपियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष आना बाकी है।

मुखबिर की सूचना पर कैसे हुई कार्रवाई?
वन विभाग को रायगढ़ रेंज में वन्यजीवों के अवैध शिकार और मांस की बिक्री से जुड़ी जानकारियां लगातार मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तिलगा में जंगली सूअर का शिकार कर उसके मांस की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही उड़नदस्ता टीम ने दबिश दी।

कौन-कौन हिरासत में लिए गए?
टीम ने तीन ग्रामीणों को हिरासत में लेकर पूछताछ की:
- बालाराम राठिया, निवासी ग्राम तिलगा
- दीनबंधु राठिया, निवासी ग्राम तिलगा
- कार्तिक विश्वकर्मा, निवासी ग्राम बेहरपाली
पूछताछ और तलाशी के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी में क्या-क्या मिला?
वन विभाग की टीम ने मौके से ये सामान जब्त किया:
- करीब 30 किलोग्राम जंगली सूअर का मांस
- वजन करने का तराजू
- एक चाकू
- दो धारदार कुल्हाड़ियां
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
तीनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अधिनियम की किन विशिष्ट धाराओं में केस बना है, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या होगा?
वन विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकार कब और कहां हुआ, मांस कहां बेचा जाना था और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं, इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने की जानकारी भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।









