
?️ सचिन पायलट का तीखा वार: मणिपुर पर जवाबदेही से बच रही है भाजपा सरकार, देश का ध्यान भटका रही है केंद्र
मणिपुर मुद्दे पर सचिन पायलट का हमला – कहा, “राष्ट्रपति शासन का बिल रात 2 बजे लाना जवाबदेही से बचने की साजिश”

जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सरकार जवाबदेही से भाग रही है और देश का ध्यान अन्य मुद्दों की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही है।सचिन पायलट का तीखा वार
सचिन पायलट दौसा जिले के रलावता गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्वर्गीय राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में केंद्र और राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।सचिन पायलट का तीखा वार

? “रात 2 बजे बिल लाना दर्शाता है कि सरकार कुछ छिपाना चाहती है”
पायलट ने कहा,

“मणिपुर में राष्ट्रपति शासन से जुड़ा बिल आधी रात 2 बजे पेश किया गया, जिससे साफ है कि केंद्र सरकार जनता से सच छिपा रही है और जवाबदेही से बच रही है।”
? अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव पर भी जताई चिंता
सचिन पायलट ने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा:
“अमेरिका ने आर्थिक अतिक्रमण कर रखा है और भारी-भरकम टैरिफ लागू कर दिए गए हैं, जिससे करोड़ों भारतीयों के रोजगार पर संकट मंडरा रहा है।”
? वक्फ संशोधन बिल पर उठाए सवाल
वक्फ संशोधन विधेयक पर भी पायलट ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।
“जब देश की आर्थिक स्थिति दबाव में है, उस वक्त सरकार धार्मिक मुद्दों को उछाल कर ध्यान भटकाने की रणनीति अपना रही है।”
? राजस्थान पेपर लीक मामले पर बोला हमला – ‘बड़े मगरमच्छों‘ को बचा रही भाजपा सरकार
राजस्थान में हुए पेपर लीक घोटाले को लेकर भी सचिन पायलट ने भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा:
“सरकार बनने से पहले कहा गया था कि बड़े मगरमच्छ पकड़े जाएंगे, लेकिन अब तक केवल चार-पांच छोटे लोगों को ही गिरफ्तार किया गया है। बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है।”सचिन पायलट का तीखा वार
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और पूरे मामले में कुछ छिपा रही है।
सचिन पायलट के इन बयानों से साफ है कि कांग्रेस आने वाले चुनावों में मणिपुर मुद्दे, अर्थव्यवस्था, पेपर लीक और सरकारी पारदर्शिता को बड़े चुनावी मुद्दे बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।सचिन पायलट का तीखा वार









