
सूरजपुर के SECL बिश्रामपुर क्षेत्र की बलरामपुर 10/12 भूमिगत खदान में नकाबपोशों ने ऑपरेटर को बंधक बनाया और केबल चोरी की। बिजली व पंखा व्यवस्था प्रभावित रही।
सूरजपुर जिले में SECL बिश्रामपुर क्षेत्र की बलरामपुर 10/12 भूमिगत खदान में शुक्रवार देर रात केबल चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे नकाबपोश लोग खदान के पंखा घर में घुसे, ड्यूटी पर मौजूद ऑपरेटर को बंधक बनाया और लाखों रुपये की केबल काटकर फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 20 से 25 थी और वे हथियारों से लैस थे। विरोध करने पर ऑपरेटर को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद बिजली आपूर्ति और पंखा व्यवस्था घंटों प्रभावित रही।
खदान परिसर में सुरक्षा के लिए 50 से अधिक त्रिपुरा राइफल के जवानों की तैनाती बताई जाती है, इसलिए इस वारदात ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंखा घर में घुसे नकाबपोश, ऑपरेटर को बनाया बंधक
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे नकाबपोश लोग बलरामपुर 10/12 भूमिगत खदान के पंखा घर में दाखिल हुए। उन्होंने वहां ड्यूटी कर रहे ऑपरेटर को अपने कब्जे में ले लिया।
घटना की मुख्य बातें:

- स्थान: बलरामपुर 10/12 भूमिगत खदान, SECL बिश्रामपुर क्षेत्र, सूरजपुर
- समय: शुक्रवार देर रात, लगभग 2 बजे
- संख्या: 20 से 25 नकाबपोश (प्रारंभिक जानकारी)
- आरोप: ऑपरेटर को बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने का
- नुकसान: लाखों रुपये की केबल (सटीक रकम की पुष्टि नहीं)
बिजली और वेंटिलेशन पर असर
केबल कटने से बिजली आपूर्ति और पंखा व्यवस्था घंटों तक बाधित रही। भूमिगत खदानों में ताजी हवा की आपूर्ति और गैसों के निकास के लिए पंखे बेहद अहम होते हैं, इसलिए ऐसी रुकावट सुरक्षा और संचालन, दोनों के लिहाज से गंभीर मानी जाती है। इस दौरान उत्पादन या कर्मचारियों की सुरक्षा पर क्या असर पड़ा, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
पांच-छह दिन में दूसरी बड़ी वारदात
बताया जा रहा है कि पांच से छह दिनों के भीतर क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी घटना है। जानकारी के मुताबिक, पिछले एक साल में इलाके में दर्जनों बार केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
50 से अधिक जवानों की तैनाती पर सवाल
खदान की सुरक्षा में त्रिपुरा राइफल के 50 से अधिक जवान तैनात बताए जाते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का परिसर में घुसकर वारदात करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि सुरक्षा में चूक कहां हुई, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।
कर्मचारियों में भय, जांच की मांग
लगातार चोरी और धमकियों से कर्मचारियों में डर और नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है:
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
- दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए
- खदान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए
आगे क्या?
पुलिस या SECL प्रबंधन की ओर से अब तक किसी गिरफ्तारी, एफआईआर या जांच की स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई है। आधिकारिक पुष्टि मिलने पर तस्वीर और साफ होगी।









