अबूझमाड़ में नक्सलवाद पर बड़ी चोट: जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग
बदलता माहौल: बच्चों ने लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे, 208 माओवादी कर चुके हैं आत्मसमर्पण, तेजी से बढ़ रहे विकास कार्य

नारायणपुर। अबूझमाड़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार और पुलिस की संयुक्त मुहिम जोर पकड़ती जा रही है। इसी कड़ी में जाटलूर गांव में नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया और गांव में बना बड़ा नक्सली स्मारक पुलिस ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने सार्वजनिक रूप से नक्सली गतिविधियों का समर्थन न करने का संकल्प लिया।
बच्चों ने ‘भारत माता की जय’ के नारों से किया स्वागत
इलाके में माहौल तेजी से बदल रहा है। गदर गीत गाने वाले बच्चे अब जवानों का स्वागत “भारत माता की जय” के नारों से कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में यह अबूझमाड़ का 16वां सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप है, जो इस क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग
208 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके, विकास कार्यों में तेजी
वर्ष 2024–25 में पुलिस की लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों के बढ़ते प्रभाव से अब तक 208 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। पूरे जिले में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग
सड़क निर्माण को सुरक्षा देने के लिए स्थापित किया गया नया कैंप
ओरछा थाना क्षेत्र के जाटलूर गांव में ओरछा–आदेर–लंका एक्सिस तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षा देने और आसपास के इलाकों में विकास पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस, डीआरजी, बस्तर फायटर और ITBP की कई बटालियनों ने यह नया कैंप शुरू किया है।जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग
पुलिस अधिकारियों ने चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
कैंप के उद्घाटन के दौरान DIG कांकेर रेंज अमित तुकाराम और SP नारायणपुर रॉबिनसन गुड़िया ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर बातचीत की। ग्रामीणों ने बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य व सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। अधिकारियों ने इन सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग
ग्रामीण बोले— अब भयमुक्त होकर जी सकेंगे
ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा लंबे समय से की जा रही प्रताड़ना और हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस कैंप खुलने से अब वे भयमुक्त जीवन जी सकेंगे। कई नक्सल समर्थक ग्रामीण आत्मसमर्पण करने की इच्छा भी जताते दिखाई दिए हैं।जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग
नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी उपलब्धियां
सुरक्षा कैंपों की स्थापना के बाद नक्सल विरोधी कार्रवाई तेज हुई है। अब तक हासिल प्रमुख सफलताएँ:
208 माओवादी आत्मसमर्पण
99 माओवादी ढेर
117 गिरफ्तार
ये उपलब्धियां नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही हैं।
2025 में कई नक्सली गढ़ों में खुले पुलिस कैंप
नारायणपुर पुलिस ने इस वर्ष महत्वपूर्ण नक्सल गढ़ों—कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके और जाटलूर—में नए पुलिस कैंप स्थापित किए हैं। इससे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और विकास कार्यों को नई गति मिली है।जाटलूर में खुला नया पुलिस कैंप, स्मारक ढहा… ग्रामीणों ने कहा– अब नहीं करेंगे सहयोग



















