विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों से गरमाया माहौल

विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक,छत्तीसगढ़ के पेंड्रा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय बालक छात्रावास, कोटमी कला में इन दिनों भारी आक्रोश देखा जा रहा है। छात्रावास के अधीक्षक शंकर प्रजापति पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त अधीक्षक को तुरंत पदमुक्त कर वहां किसी नियमित अधीक्षक की नियुक्ति की जाए।
छात्रों के राशन में हेराफेरी का आरोप
विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक,शिकायतकर्ताओं का प्राथमिक आरोप है कि छात्रावास में रहने वाले गरीब छात्रों के हक पर डाका डाला जा रहा है। छात्रावास में आने वाले सरकारी खाद्यान्न (चावल) की कालाबाजारी और उसे बाहर बेचने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में कटौती कर प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।
सरकारी भूमि के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा!
विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक,अधीक्षक शंकर प्रजापति पर न केवल छात्रावास की व्यवस्थाओं में गड़बड़ी, बल्कि शासकीय भूमि के साथ छेड़छाड़ करने का भी गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, अधीक्षक ने कथित तौर पर दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी जमीन को अपने नाम दर्ज कराने और उसका डायवर्शन कराने का प्रयास किया है। यह मामला अब कानूनी जांच के दायरे में आने की संभावना है।
भर्ती के नाम पर लाखों की वसूली का दावा
विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक,छात्रावास में नियुक्तियों को लेकर भी भ्रष्टाचार की परतें खुलती नजर आ रही हैं। आरोप है कि छात्रावास में रसोइया (कुक) के पद पर नियुक्ति के लिए 1 लाख से लेकर 1.50 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की गई है। इस रिश्वतखोरी की खबर ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
विवादास्पद छवि के बावजूद दोबारा नियुक्ति पर उठे सवाल
विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक,ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शंकर प्रजापति पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें फिर से कोटमी कला छात्रावास जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना विभागीय मिलीभगत की ओर इशारा करता है। नियमित अधीक्षक के बजाय विवादित चेहरे को प्रभार देना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है।
जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है। मांग की गई है कि:
अधीक्षक शंकर प्रजापति को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
छात्रावास में किसी योग्य और नियमित अधीक्षक की पदस्थापना हो।
भ्रष्टाचार, जमीन घोटाले और भर्ती रिश्वत मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
विवादों में घिरे कोटमी कला हॉस्टल अधीक्षक,अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है। क्या छात्रों को उनका हक मिलेगा या भ्रष्टाचार की यह जड़ें और गहरी होती जाएंगी?



















