छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों के तबादले अटके: 57 में से सिर्फ 19 ने की ज्वाइनि

छत्तीसगढ़ में 9 सितंबर की तबादला सूची के दो महीने बाद भी 57 में से सिर्फ 19 तहसीलदारों ने नई जगह ज्वाइन किया। अब एकतरफा भारमुक्ति की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग में तहसीलदारों के तबादला आदेश का पालन अधूरा रह गया है। 9 सितंबर को जारी सूची में शामिल 57 तहसीलदारों में से अब तक केवल 19 ने ही नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण किया है। यानी आदेश जारी हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन बाकी अधिकारियों की रवानगी नहीं हो सकी।

सबसे ज्यादा दिक्कत उन मामलों में है, जहां अधिकारियों को रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे बड़े जिलों से बलरामपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जशपुर जैसे दूरस्थ व अनुसूचित क्षेत्रों में भेजा गया है।
अब जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग एकतरफा भारमुक्ति की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

9 सितंबर के आदेश पर दो महीने बाद भी पूरा अमल नहीं
राजस्व विभाग ने 9 सितंबर को तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। हड़ताल के बाद विभाग ने बड़े पैमाने पर तबादले किए थे, लेकिन कई अधिकारी अब तक नई जगह नहीं पहुंचे हैं।
एक नज़र में:

- तबादला सूची की तारीख: 9 सितंबर
- सूची में शामिल तहसीलदार: 57
- अब तक ज्वाइनिंग देने वाले: 19
- ज्वाइनिंग बाकी: लगभग 38 (उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर)
बड़े जिलों में आदेश लागू, दूरस्थ जिलों में अटका
जानकारी के मुताबिक रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे बड़े जिलों में स्थानांतरित अधिकारी आदेश के अनुरूप नई पदस्थापना पर पहुंचकर कार्यभार संभाल चुके हैं।
इसके उलट, अनुसूचित और दूरस्थ जिलों में पदस्थापना पाने वाले अधिकारियों के मामले में आदेश का पालन अटका हुआ है। प्रभावित जिलों में ये शामिल हैं:
- बलरामपुर
- सुकमा
- दंतेवाड़ा
- बीजापुर
- जशपुर
रिलीविंग रुकवाने के दावे
बताया जा रहा है कि कुछ तहसीलदार कामकाज का हवाला देकर अपनी रिलीविंग रुकवाने में सफल रहे हैं। हालांकि इस बारे में आधिकारिक पुष्टि या किसी अधिकारी का पक्ष फिलहाल उपलब्ध नहीं है। किसके कहने पर रिलीविंग रुकी, इस सवाल का भी कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
नियम क्या कहते हैं?
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार:
- स्थानांतरण आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर एकतरफा भारमुक्ति की कार्रवाई होनी चाहिए।
- संबंधित कर्मचारी को 7 दिन के भीतर नई जगह कार्यभार ग्रहण करना होता है।
इस हिसाब से तय समय-सीमा काफी पहले खत्म हो चुकी है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या असर?
विभाग में चर्चा है कि कुछ अधिकारी सुविधाजनक और बड़े जिलों में बने रहना चाहते हैं। इस धारणा पर आधिकारिक टिप्पणी उपलब्ध नहीं है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि दूरस्थ जिलों में अधिकारियों के न पहुंचने से प्रशासनिक व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी हो रही है। तहसील स्तर पर राजस्व कामकाज का सीधा संबंध आम लोगों से होता है, इसलिए पद खाली रहने या व्यवस्था प्रभावित होने का असर स्थानीय स्तर पर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग अब एकतरफा भारमुक्ति की तैयारी कर रहा है। इसका मतलब है कि संबंधित अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से विभाग की ओर से सीधे कार्यमुक्त किया जा सकता है, ताकि वे नई जगह कार्यभार संभालें। इसकी औपचारिक घोषणा या आदेश की तारीख फिलहाल सामने नहीं आई है









