
Mother with newborn baby death case : महिला डॉक्टर समेत 2 नर्सों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
Mother with newborn baby death case : सूरजपुर जिले के एक निजी नर्सिंग होम में 5 अप्रैल को 22 वर्षीय प्रसूता व उसके बच्चे की हो गई थी मौत, जिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला को वहीं पदस्थ डॉक्टर यह कहकर अपने नर्सिंग होम में ले गई थी कि वहां बेहतर सुविधा है और वह उसका बेहतर इलाज करेगी।

NCG News desk Surajpur :-
सूरजपुर । जच्चा-बच्चा की मौत का मामला : रश्मि नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत मामले में 2 सप्ताह बाद डॉ. रश्मि कुमार सहित व नर्सों पर 304 ए के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी उन पर वैधानिक कार्यवाही की गई है। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम तिलसिवां स्थित रश्मि नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर मृतक के परिजनों की लगातार शिकायत के बाद शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने जिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि कुमार एवं स्टाफ नर्स मौसम तिर्की व अंजली तिर्की के विरुद्ध धारा 304 ए, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पूरे मामले में 5 सदस्यीय चिकित्सों की टीम की जांच में लापरवाही की पुष्टि होने तथा मर्ग जांच के बाद पुलिस ने अपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

आपको बता दे कि रश्मि नर्सिंग होम में 5 अप्रैल को गर्भवती महिला के ऑपरेशन से प्रसव में बच्चे के मृत होने के साथ ही उसी रात प्रसुता महिला की मौत हो गई थी। प्रसुता के स्वजनों द्वारा महिला चिकित्सक डॉक्टर रश्मि कुमार एवं नर्सिंग होम के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शुरुआत से ही कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
इस मामले में महिला चिकित्सक डॉ. रश्मि कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। वहीं इस मामले में कलेक्टर नेें 5 सदस्यीय चिकित्सों की टीम से जांच प्रतिवेदन प्राप्त कर डॉ. रश्मि कुमार के निलंबन के लिए स्वास्थ्य सचिव (Health Secretary) को पत्र लिखा था। इधर इसी मामले में चिकित्सों की टीम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर सीएमएचओ (CMHO) ने 2 स्टाफ नर्सों के निलंबन हेतु संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा को पत्र लिखा था।

इस पूरे मामले को लेकर शिवसेना की जिला इकाई ने रंगमंच मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जिला चिकित्सालय में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) डॉ. रश्मि कुमार के विरुद्ध एफ आईआर दर्ज करने एवं मृतक प्रसुता के पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर बुधवार को नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। मृतक महिला के पिता द्वारा शुरुआती दौर से ही इस मामले में डॉ. रश्मि कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग लगातार की जा रही है।
बीते गुरुवार को एक बार फिर मृतक के पिता महेंद्र साहू ने कलेक्टर से मुलाकात की थी तथा ज्ञापन सौंपकर मामले की वस्तु स्थिति स्पष्ट करते हुए डॉ. रश्मि कुमार एवं उनके सहयोगी दो नर्स को शासकीय सेवा से बर्खास्त करते हुए उन लोगो के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया था कि 2 दिनों में मामले में वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
क्या है मामला
विगत 3 अप्रैल को रामानुजनगर ब्लॉक के ग्राम भुनेश्वरपुर भकमा निवासी गर्भवती महिला पूजा साहू पति राम नारायण साहू 22 वर्ष को प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय सूरजपुर में भर्ती कराया गया था। जहा करीब डेढ़ दिन उसका उपचार ही किया गया।
आराम नहीं मिलने पर महिला के स्वजनों द्वारा उसे अंबिकापुर रेफर करने की मांग की गई, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि कुमार के कहने पर स्वजन महिला को प्रसव के लिए 4 अप्रैल को रश्मि नर्सिंग होम ले गए। यहां 5 अप्रैल को ऑपरेशन के बाद बच्चा मृत पैदा होने की जानकारी दी गई और उसी रात महिला की भी मौत हो गई थी।
डॉक्टर को गिरफ्तार करने की उठी मांग
लंबे इंतजार के बाद जहां पुलिस ने दोषी डॉक्टर पर मामला पंजीबद्ध कर लिया है पर अब डॉक्टर की गिरफ्तारी कब होगी इसकी मांग भी उठने लगी है। क्योंकि घटना के बाद से ही डॉक्टर के जिले से फरार होने की जानकारी मिल रही थी और अब लगता है कि डॉक्टर की गिरफ्तारी का मामला पुलिस के लिए भी यह किसी चुनौती से कम नही है। मृतक के स्वजन एवम छत्तीसगढ़ की जानना चाहती है की दोषी डॉक्टर एवम नर्स की गिरफ्तारी कब होगी।
पूरे मामले में पुलिस ने दोषियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। वही इस मामले में मृतक महिला के परिजनों का कहना है कि दोषी डॉक्टर पर धारा 302 के तहत मामला पंजीबद्ध होना चाहिए क्योंकि डॉक्टर ने जानबूझकर ऐसा किया है।
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