
भिलाई के एक व्यक्ति से दूसरे की जमीन बेचकर लाखों रुपये लेने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने अवतार सिंह और मनोज कुमार सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
दुर्ग पुलिस ने जमीन की खरीदी-बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्री के आरोप में अवतार सिंह और मनोज कुमार सोनी को गिरफ्तार किया है। दोनों भिलाई के रहने वाले हैं और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

शिकायत के मुताबिक, कोहका में जिस प्लॉट का सौदा शिकायतकर्ता से किया गया, वह किसी और महिला की जमीन थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस सौदे और मकान निर्माण के नाम पर उनसे कुल 23 लाख 28 हजार रुपये लिए गए। बाद में रकम लौटाने के लिए दिए गए तीनों चेक भी बाउंस हो गए।
मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य लोगों की भूमिका भी देख रही है। ये सभी बातें शिकायत और पुलिस की जानकारी पर आधारित हैं, अदालत में अभी इनका फैसला होना बाकी है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता मोहन लाल देवांगन भिलाई के हाउसिंग बोर्ड कोहका के निवासी हैं। उन्होंने 7 अप्रैल 2025 को पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को लिखित शिकायत दी थी।
- साल 2016 में मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने के सिलसिले में उनकी मुलाकात अवतार सिंह से हुई।
- शिकायत के अनुसार, आरोपी ने खुद को अपने साथी के साथ जमीन की खरीदी-बिक्री का काम करने वाला बताया।
- उसने मौजा कोहका के खसरा नंबर 1704/88 की जमीन में से 1200 वर्गफीट का प्लॉट दिखाया।
- 30 सितंबर 2016 को इस जमीन की रजिस्ट्री शिकायतकर्ता के नाम कराई गई।
- शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन खरीदने और मकान निर्माण के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 23,28,000 रुपये आरोपियों को दिए गए।
बाद में क्या पता चला?
शिकायतकर्ता को बाद में जानकारी मिली कि जिस जमीन पर मकान बन रहा था, वह वास्तव में माया सिंह नाम की महिला की है।

इसके बाद 22 सितंबर 2018 को आरोपियों की ओर से एक इकरारनामा किया गया। इसमें शिकायतकर्ता को ये रकम लौटाने की बात कही गई:
- मूल राशि: 23,28,000 रुपये
- रजिस्ट्री खर्च: 1,00,000 रुपये
- कुल वापसी राशि: 24,28,000 रुपये
पैसे लौटाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की सुपेला शाखा के तीन चेक दिए गए। खाते में पर्याप्त राशि न होने से तीनों चेक अनादरित हो गए। इससे शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दूसरी रजिस्ट्री पर भी आरोप
शिकायत में एक और रजिस्ट्री का जिक्र है। आरोप है कि 16 मार्च 2021 को मौजा कोहका के खसरा नंबर 1704/2 की 1200 वर्गफीट जमीन की एक और रजिस्ट्री कथित तौर पर फर्जी तरीके से कराई गई।
शिकायत के अनुसार, इसमें चिरंजीवन कोनार नाम के व्यक्ति को खड़ा कर उसके नाम से दस्तावेज बनवाए गए। आरोप यह भी है कि असली जमीन मालिक को भुगतान किए बिना कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी की गई।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप सामने आने पर थाना सुपेला की चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 1635/2026 दर्ज किया गया।
- आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी और 34 के तहत मामला दर्ज हुआ।
- पुलिस ने अवतार सिंह और मनोज कुमार सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
- पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अपराध स्वीकार किए जाने संबंधी जानकारी के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
- गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अब जांच किस दिशा में?
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की संभावित भूमिका की जांच हो रही है। साथ ही जमीन से जुड़े दस्तावेजों, रजिस्ट्री प्रक्रिया और पेश किए गए अभिलेखों की वैधता की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
जमीन खरीदने से पहले क्या जांचें?
ऐसे मामलों से बचने के लिए जमीन खरीदने से पहले ये चीजें जरूर देखें:
- खसरा नंबर और असली भूमि स्वामित्व
- रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज
- संबंधित राजस्व रिकॉर्ड
इन सबका सत्यापन किसी भरोसेमंद स्रोत या संबंधित कार्यालय से कराना बेहतर रहता है।









