राजनांदगांव में सेकंड हैंड कार के नाम पर 2.92 लाख की ऑनलाइन ठगी, इंस्टाग्राम से हुई शुरुआत

राजनांदगांव के छुरिया में इंस्टाग्राम पर सैनिक बताकर सेकंड हैंड कार बेचने के नाम पर व्यक्ति से 2.92 लाख रुपए ठगे गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इंस्टाग्राम पर कार बेचने के विज्ञापन से शुरू हुआ मामला
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया थाना क्षेत्र से ऑनलाइन ठगी का एक मामला सामने आया है। सेकंड हैंड कार खरीदने के चक्कर में एक व्यक्ति को 2 लाख 92 हजार 200 रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

पुलिस के अनुसार, कुमर्रा गांव निवासी 42 वर्षीय कुशल राम साहू को इंस्टाग्राम और मोबाइल के जरिए एक व्यक्ति के कार बेचने की जानकारी मिली थी। कॉल करने वाले ने खुद को सैनिक बताते हुए दावा किया कि ट्रांसफर होने की वजह से वह अपनी कार बेच रहा है।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने छुरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे तय हुआ सौदा और कितनी हुई डील?
आरोपी ने पीड़ित को CG 04 NG 5163 नंबर की एक कार दिखाई और बातचीत के बाद दोनों के बीच इस प्रकार सौदा तय हुआ:
- कार की कीमत: 1 लाख 60 हजार रुपए
- भुगतान का माध्यम: गूगल-पे के जरिए किश्तों में
- डिलीवरी का वादा: भुगतान के बाद कार भेजने का आश्वासन
पीड़ित ने आरोपी के बताए निर्देशों के अनुसार भरोसे में आकर भुगतान शुरू कर दिया।

GPS और अन्य खर्चों के नाम पर बढ़ती गई मांग
शुरुआती रकम मिलने के बाद आरोपी ने सौदा वहीं नहीं रोका। कार के दस्तावेज पूरे कराने और डिलीवरी प्रक्रिया के नाम पर लगातार नई मांगें रखी गईं:
- GPS डिवाइस लगवाने के नाम पर अतिरिक्त भुगतान
- ट्रांसपोर्ट और अन्य प्रक्रियागत खर्चों के नाम पर बार-बार पैसे मांगे गए
- अलग-अलग तारीखों में पीड़ित ने कई बार रकम जमा की
इस तरह कुल मिलाकर पीड़ित के खाते से 2 लाख 92 हजार 200 रुपए आरोपी के बताए माध्यम से ट्रांसफर हो गए।
कब हुआ ठगी का एहसास?
इतनी बड़ी रकम चुकाने के बावजूद जब कार की डिलीवरी नहीं हुई और आरोपी की ओर से नए-नए बहानों से और पैसों की मांग जारी रही, तब पीड़ित को शक हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
पीड़ित की शिकायत के आधार पर छुरिया पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी की पहचान करने और लेनदेन से जुड़े बैंक व मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। हालांकि आरोपी की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, इसलिए यह मामला अभी जांच के दायरे में है।
ऑनलाइन वाहन खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस ने आम लोगों को कुछ अहम सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- किसी भी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर हुई डील में बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें
- वाहन के दस्तावेज और मालिक की पहचान पहले खुद जाकर वेरिफाई करें
- GPS, ट्रांसपोर्ट या अन्य किसी बहाने से मांगी गई अतिरिक्त रकम को लेकर सतर्क रहें
- संभव हो तो कैश ऑन डिलीवरी या सीधे मुलाकात के बाद ही भुगतान करें
- ठगी का शक होते ही तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं
पुलिस का कहना है कि इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।









